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सरकारी नौकरी की आड़ में करोड़ों का खेल… बिहार का जिला रजिस्ट्रार निकला करोड़पति, पत्नी-बच्चों के नाम पर छिपाई संपत्ति का बड़ा खुलासा

सरकारी नौकरी की आड़ में करोड़ों का खेल… बिहार का जिला रजिस्ट्रार निकला करोड़पति, पत्नी-बच्चों के नाम पर छिपाई संपत्ति का बड़ा खुलासा

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सुपौल जिले के जिला अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी में करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि उनकी कुल संपत्ति उनकी ज्ञात आय से कई गुना अधिक है, जिसे परिवार और परिचितों के नाम पर छिपाया गया था।

एक साथ कई जिलों में छापेमारी

EOU ने बुधवार को पटना, सुपौल और सारण जिले में एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों को 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले। शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि सरकारी वेतन से इतनी संपत्ति बनाना संभव नहीं है।

पत्नी के नाम पर 6 करोड़ की जमीन

सबसे बड़ा खुलासा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जुड़ा है, जहां उनकी पत्नी नीता कुमारी के नाम पर एक पॉश सोसाइटी में करीब 25 कट्ठा जमीन खरीदी गई है। इस जमीन की कीमत करीब 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि इस जमीन के आसपास कई हाई-प्रोफाइल निवेश भी किए गए हैं, जिससे यह पूरा सौदा और संदिग्ध बन गया है।

पटना में फ्लैट और महंगा इंटीरियर

पटना के आशियाना-दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट में भी बड़ा निवेश मिला है। यहां 65 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा गया था, लेकिन उसके इंटीरियर और सजावट पर ही करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह खर्च उनकी घोषित आय से कहीं अधिक है।

ड्राइवर के नाम पर लग्जरी गाड़ियां

जांच में यह भी सामने आया कि दो स्कॉर्पियो और एक स्कूटी खरीदी गई है, जिनकी कुल कीमत लगभग 42 लाख रुपये है। हैरानी की बात यह है कि इन गाड़ियों को ड्राइवर के नाम पर रजिस्टर कराया गया था, ताकि असली मालिकाना हक छिपाया जा सके।

पत्नी और परिवार के नाम पर निवेश

EOU के अनुसार, अमरेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी और बच्चों के नाम पर कई निवेश किए हैं। इनमें करीब 12 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी, 3 लाख रुपये से अधिक का म्यूचुअल फंड निवेश और बैंक खातों में लाखों रुपये जमा पाए गए हैं। इसके अलावा पीपीएफ खाते में भी 20 लाख रुपये से अधिक की राशि मिली है।

सोना, नकदी और अन्य निवेश का खुलासा

छापेमारी के दौरान दो गोल्ड बिस्किट और करीब 1.25 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं। साथ ही किराये के आवास से 86,500 रुपये नकद भी मिले हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उन्होंने रिसॉर्ट व्यवसाय में भी निवेश किया है, जिसकी जांच जारी है।

आय से 65% अधिक संपत्ति का अनुमान

प्रारंभिक जांच में EOU ने पाया है कि उनकी संपत्ति उनकी वैध आय से लगभग 65 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

आगे की जांच जारी

अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआती खुलासा है और आगे और भी संपत्तियों के सामने आने की संभावना है। फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी काली कमाई को कैसे और किन माध्यमों से छिपाया गया।

स्रोत: Pehli Nazar News Network