Meta New Update: सोशल मीडिया पर फर्जी उम्र डालकर अकाउंट बनाने वाले टीनएजर्स के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। Meta ने Instagram और Facebook पर एक नया AI बेस्ड टूल लॉन्च किया है, जो यूजर्स की असली उम्र का पता लगाने में मदद करेगा।
कंपनी का यह कदम खासतौर पर उन नाबालिग यूजर्स को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जो अपनी उम्र गलत बताकर प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बना लेते हैं। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ऐसे अकाउंट्स की पहचान की जाएगी और उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
क्या है नया AI एज डिटेक्शन टूल?
Meta ने इस नई तकनीक को “एज अश्योरेंस टेक्नोलॉजी” नाम दिया है। यह सिस्टम यूजर की फोटो और वीडियो का विश्लेषण करके उसकी उम्र का अंदाजा लगाता है। खास बात यह है कि यह टूल केवल चेहरे की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि बॉडी स्ट्रक्चर, हाइट और बोन स्ट्रक्चर जैसे फैक्टर्स को भी ध्यान में रखता है।
कंपनी के अनुसार, इस टूल पर कई वर्षों से काम किया जा रहा था और हाल ही में इसे सीमित यूजर्स पर टेस्ट भी किया गया है।
कैसे करेगा काम?
यह AI टूल यूजर द्वारा अपलोड किए गए कंटेंट जैसे फोटो, वीडियो और यहां तक कि पोस्ट पर किए गए कमेंट्स का विश्लेषण करता है। इसके आधार पर यह तय करता है कि यूजर वास्तव में किस उम्र वर्ग में आता है।
अगर सिस्टम को लगता है कि किसी यूजर ने अपनी उम्र गलत बताई है, तो उसका अकाउंट ऑटोमैटिकली “टीनएजर अकाउंट” में बदल दिया जाएगा।
क्या होगा असर?
Meta के नियमों के मुताबिक, 13 साल से कम उम्र के बच्चों को इन प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाने की अनुमति नहीं है। वहीं 13 से 17 साल के यूजर्स के लिए अलग “टीन सेफ्टी” नियम लागू होते हैं, जिनमें प्राइवेसी और कंटेंट कंट्रोल ज्यादा सख्त होता है।
नए AI टूल के लागू होने के बाद:
- गलत उम्र बताने वाले अकाउंट्स की पहचान होगी
- अकाउंट को टीन कैटेगरी में शिफ्ट किया जाएगा
- जरूरत पड़ने पर अकाउंट ब्लॉक भी किया जा सकता है
किन देशों में शुरू हुआ फीचर?
फिलहाल यह फीचर ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूके में रोलआउट किया गया है। इसके अलावा इसे यूरोपियन यूनियन के देशों और ब्राजील में भी जल्द लागू किया जा रहा है।
क्यों जरूरी है यह कदम?
सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी। कई बार टीनएजर्स गलत उम्र डालकर ऐसे कंटेंट तक पहुंच जाते हैं, जो उनके लिए सुरक्षित नहीं होता। ऐसे में Meta का यह कदम बच्चों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
ऐसे में अब इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उम्र छुपाकर अकाउंट बनाना आसान नहीं रहेगा, AI की नजर से बच पाना मुश्किल होगा।