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Mobile Recharge Hike: रिचार्ज पर फिर मंडरा रहा महंगाई का खतरा! Jio-Airtel की होगी बल्ले-बल्ले, करोड़ों ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है बड़ा असर

Mobile Recharge Hike: रिचार्ज पर फिर मंडरा रहा महंगाई का खतरा! Jio-Airtel की होगी बल्ले-बल्ले, करोड़ों ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है बड़ा असर

Mobile Recharge Hike:: भारत में मोबाइल और इंटरनेट अब लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। ऐसे में अगर मोबाइल रिचार्ज महंगे हो जाएं तो इसका सीधा असर करोड़ों उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर पड़ता है। अब एक बार फिर संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा जियो और एयरटेल जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को मिलेगा, जबकि आम ग्राहकों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में टेलीकॉम कंपनियां करीब 15 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ोतरी कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों की कमाई और निवेश क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को रिचार्ज के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने होंगे।

दरअसल पिछले कुछ वर्षों में टेलीकॉम कंपनियों ने कई बार रिचार्ज प्लान महंगे किए हैं, लेकिन इसके बावजूद डेटा की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की संयुक्त वायरलेस आय करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 2.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि यह वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी धीमी रही, लेकिन कंपनियों की कमाई मजबूत बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों की आय बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान एआरपीयू यानी प्रति ग्राहक औसत आय का रहा है। जुलाई 2024 में हुई टैरिफ बढ़ोतरी और बेहतर भुगतान करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ने से एआरपीयू में करीब 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यही वजह है कि अब कंपनियां एक और टैरिफ बढ़ोतरी पर विचार कर सकती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक ग्राहक जोड़ने के मामले में रिलायंस जियो सबसे आगे रही। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में करीब 1.5 करोड़ नए ग्राहक अपने नेटवर्क से जोड़े। वहीं भारती एयरटेल ने लगभग 1.1 करोड़ नए ग्राहक हासिल किए। दूसरी ओर वोडाफोन आइडिया को बड़ा झटका लगा और कंपनी करीब 1 करोड़ ग्राहक गंवा बैठी। इसके बाद जियो की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 41.5 प्रतिशत और एयरटेल की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

मोबाइल ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ डेटा इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026 में डेटा उपभोक्ताओं की संख्या 3.1 करोड़ बढ़कर लगभग 89 करोड़ तक पहुंच गई। अब निजी टेलीकॉम कंपनियों के करीब 87 प्रतिशत ग्राहक इंटरनेट सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया, डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन पढ़ाई ने डेटा खपत को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

5जी तकनीक के विस्तार ने भी डेटा उपयोग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट के अनुसार तीनों निजी कंपनियों का कुल डेटा ट्रैफिक एक साल में करीब 29 प्रतिशत बढ़ गया है। वर्तमान में एक भारतीय ग्राहक औसतन हर महीने 34 जीबी से ज्यादा डेटा खर्च कर रहा है, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा करीब 27 जीबी था। यानी इंटरनेट की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है।

हालांकि डेटा खपत बढ़ने के बावजूद कंपनियों को उससे उतना फायदा नहीं मिल रहा जितनी उम्मीद थी। इसकी सबसे बड़ी वजह मुफ्त अनलिमिटेड 5जी डेटा ऑफर हैं। जियो और एयरटेल लंबे समय से ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए फ्री 5जी डेटा उपलब्ध करा रही हैं। अब माना जा रहा है कि आने वाले समय में ये कंपनियां मुफ्त ऑफर्स को सीमित कर सकती हैं और ज्यादा डेटा उपयोग करने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूल सकती हैं।

यदि 15 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ोतरी लागू होती है तो 1.5 जीबी प्रतिदिन डेटा वाले सामान्य स्मार्टफोन प्लान की कीमत लगभग 40 से 50 रुपये प्रति 28 दिन तक बढ़ सकती है। यह बढ़ोतरी छोटी दिख सकती है, लेकिन सालभर में ग्राहकों के खर्च पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। जिन परिवारों में कई मोबाइल नंबर सक्रिय हैं, उनके मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।

टेलीकॉम कंपनियों का तर्क है कि 5जी नेटवर्क विस्तार, नए टावर लगाने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और नई तकनीकों में निवेश के लिए अतिरिक्त आय जरूरी है। इसी वजह से समय-समय पर टैरिफ बढ़ोतरी की आवश्यकता पड़ती है।

स्रोत: Pehli Nazar News Network