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LSG से हार के बाद RCB पर बढ़ा दबाव! अब प्लेऑफ में पहुंचने के लिए हर मैच बना ‘करो या मरो’

LSG से हार के बाद RCB पर बढ़ा दबाव! अब प्लेऑफ में पहुंचने के लिए हर मैच बना ‘करो या मरो’

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मिली करीबी हार ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्लेऑफ की रेस अब बेहद रोमांचक हो चुकी है और हर मुकाबला टीमों की किस्मत तय कर रहा है। हालांकि हार के बावजूद RCB अभी भी टॉप-4 की दौड़ में मजबूत दावेदार बनी हुई है, लेकिन अब टीम के लिए आने वाले मुकाबले किसी फाइनल से कम नहीं होंगे।

मिचेल मार्श की तूफानी सेंचुरी ने पलटा मैच

बारिश से प्रभावित मुकाबले में LSG के स्टार बल्लेबाज मिचेल मार्श ने RCB के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उन्होंने 111 रन की विस्फोटक पारी खेलते हुए लखनऊ को 20 ओवर में 209/3 के बड़े स्कोर तक पहुंचाया। मार्श की बल्लेबाजी के सामने बेंगलुरु के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए।

210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB की शुरुआत बेहद खराब रही। विराट कोहली पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, जबकि जैकब बेटेल भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। शुरुआती झटकों के बाद टीम दबाव में आ गई।

पाटीदार और टिम डेविड ने जगाई उम्मीद

मुश्किल परिस्थिति में कप्तान रजत पाटीदार ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 61 रन बनाए और मैच में वापसी की उम्मीद जगाई। वहीं टिम डेविड ने अंत तक संघर्ष जारी रखा, लेकिन टीम 203/6 तक ही पहुंच सकी। आखिरी ओवर तक मैच रोमांचक बना रहा, मगर जीत LSG के हाथ लगी।

हार के बावजूद क्यों मजबूत है RCB?

इस हार के बाद भी RCB 10 मैचों में 12 अंकों के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर बनी हुई है। टीम का नेट रनरेट (+1.234) बेहद मजबूत है, जो प्लेऑफ की रेस में बड़ा फायदा दे सकता है।

लेकिन चुनौती यह है कि राजस्थान रॉयल्स, गुजरात टाइटन्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमें भी लगातार दबाव बनाए हुए हैं। ऐसे में अब एक भी हार RCB की राह मुश्किल कर सकती है।

प्लेऑफ के लिए कितने मैच जीतने होंगे?

आईपीएल के इतिहास पर नजर डालें तो आमतौर पर 16 अंक प्लेऑफ में जगह लगभग पक्की कर देते हैं। ऐसे में RCB को कम से कम अपने बाकी मुकाबलों में से दो जीत हासिल करनी ही होगी।

  • 1 जीत = 14 अंक → नेट रनरेट पर निर्भरता बढ़ेगी
  • 2 जीत = 16 अंक → प्लेऑफ की संभावना काफी मजबूत
  • 3 या 4 जीत = टॉप-2 में पहुंचने का भी मौका

अगर टीम लगातार हारती है, तो 12 अंकों पर रुकने का खतरा रहेगा और प्लेऑफ से बाहर होना तय माना जाएगा।

टॉप ऑर्डर बना सबसे बड़ी चिंता

RCB की सबसे बड़ी कमजोरी लगातार खराब शुरुआत है। पिछले पांच मैचों में टीम को तीन हार मिली हैं और इसका सबसे बड़ा कारण टॉप ऑर्डर का फ्लॉप होना रहा है। विराट कोहली और ओपनिंग जोड़ी से टीम को जिस शुरुआत की उम्मीद रहती है, वह नहीं मिल पा रही।

मिडिल ऑर्डर संभाल रहा जिम्मेदारी

हालांकि टीम का मध्यक्रम शानदार प्रदर्शन कर रहा है। रजत पाटीदार लगातार रन बना रहे हैं, जबकि टिम डेविड फिनिशर की भूमिका में प्रभाव छोड़ रहे हैं। क्रुणाल पांड्या का अनुभव भी टीम के लिए अहम साबित हो रहा है।

RCB के बाकी मुकाबले

  • 10 मई – vs मुंबई इंडियंस
  • 13 मई – vs कोलकाता नाइट राइडर्स
  • 17 मई – vs पंजाब किंग्स
  • 22 मई – vs सनराइजर्स हैदराबाद

मुंबई और KKR के खिलाफ मुकाबले RCB के लिए सबसे अहम माने जा रहे हैं। वहीं पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच सीधे प्लेऑफ की तस्वीर बदल सकता है।

RCB अभी भी प्लेऑफ की मजबूत दावेदार है, लेकिन अब छोटी गलतियों की भी कोई गुंजाइश नहीं बची है। अगर टॉप ऑर्डर जल्द फॉर्म में नहीं लौटा, तो आने वाले मैच टीम और फैंस दोनों के लिए काफी तनावपूर्ण हो सकते हैं।

स्रोत: Pehli Nazar News Network