Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल अपने चरम पर है। नए मंत्रिमंडल विस्तार से पहले राजधानी पटना में बड़े नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन बुधवार रात पटना पहुंच चुके हैं। उनके साथ पार्टी के संगठन के प्रमुख रणनीतिकार बी.एल. संतोष भी मौजूद हैं।
पटना एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद सभी नेता एक निजी होटल पहुंचे, जहां देर रात तक महत्वपूर्ण बैठक चलने की संभावना है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
आज तय होगी मंत्रियों की सूची
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और राज्य के कोर नेताओं के बीच होने वाली बैठक में मंत्रिमंडल के स्वरूप पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें यह तय किया जाएगा कि किन पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिलेगा और किन नए नेताओं को शामिल किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, पिछली सरकार में शामिल अधिकांश मंत्रियों को फिर से मौका मिल सकता है। हालांकि, कुछ नए चेहरों को भी शामिल कर सरकार को नया स्वरूप देने की तैयारी है।
गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण की तैयारी
पटना के गांधी मैदान में गुरुवार दोपहर 12 बजे मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद गांधी मैदान पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। हल्की बारिश के बावजूद तैयारियों में कोई खास बाधा नहीं आई और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी रहेगा खास कार्यक्रम
इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की पूरी संभावना है। उनका सुबह करीब 11 बजे पटना पहुंचने का कार्यक्रम है।
बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट से वे सड़क मार्ग के जरिए रोड शो करते हुए भाजपा कार्यालय के रास्ते गांधी मैदान पहुंच सकते हैं। बिहार में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार बनने के बाद यह उनका पहला दौरा होगा, इसलिए इस कार्यक्रम को काफी अहम माना जा रहा है।
एनडीए के सभी घटक दल होंगे शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए गठबंधन के सभी प्रमुख दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। पटना और आसपास के करीब 13 जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
मंत्रिमंडल गठन के फॉर्मूले की बात करें तो पहले की तरह संतुलन बनाए रखने की कोशिश होगी। जानकारी के मुताबिक, लोजपा (रामविलास) को दो मंत्री पद, जबकि हम और रालोमो को एक-एक मंत्री पद दिया जा सकता है।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
भाजपा की ओर से कुछ नए नामों की चर्चा भी तेज है। इनमें संगीता कुमारी, मैथिली ठाकुर, नीतीश मिश्रा और आनंद मिश्रा जैसे नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि, अंतिम सूची देर रात या गुरुवार सुबह तक ही स्पष्ट हो पाएगी।
वहीं जदयू की ओर से भी पुराने चेहरों को दोहराने की संभावना है। साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी चर्चा में है, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
बिहार की राजनीति में नया अध्याय
अगर देखा जाए तो, बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में बनी सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न सिर्फ सरकार की दिशा तय होगी, बल्कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।