West Bengal TMC MP Abhishek Banerjee Attack: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में शनिवार को उस वक्त राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे अभिषेक को उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। भीड़ ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की, अंडे फेंके और धक्का-मुक्की की। हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षाकर्मियों को उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षा घेरे में वहां से बाहर निकालना पड़ा।
घटना सोनारपुर के कमराबाद इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी अपनी पार्टी के एक मृतक कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। उनके दौरे की सूचना पहले से मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग वहां जुटे हुए थे। प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की भी अच्छी-खासी संख्या थी और कई लोगों के हाथों में कच्चे अंडे देखे गए।
जैसे ही अभिषेक इलाके में पहुंचे, विरोध शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने "चोर-चोर" के नारे लगाने शुरू कर दिए। विरोध बढ़ता देख उन्होंने अपनी कार छोड़कर बाइक के जरिए अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन पीड़ित परिवार के घर से कुछ दूरी पहले ही भीड़ ने उनका रास्ता रोक लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान अंडे फेंके गए, धक्का-मुक्की हुई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने सड़क पर मोटरसाइकिलें भी गिरा दीं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए अभिषेक को हेलमेट पहनाया और कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी है। लोगों ने खराब सड़कों, जलजमाव और पेयजल संकट जैसे मुद्दों को लेकर नाराजगी जताई। प्रदर्शन में शामिल कई लोगों का आरोप था कि लंबे समय से जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय नागरिकों ने दावा किया कि कमराबाद और आसपास के इलाकों में सड़कें जर्जर हैं और बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि वर्षों से विकास के वादे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा।
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी तरह राजनीतिक रूप से प्रायोजित था। उनका आरोप था कि घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक हुई।
अभिषेक ने कहा कि उन पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि उनका प्रदर्शन स्थानीय समस्याओं और विकास के मुद्दों को लेकर था।
घटना के बाद पूरे इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।