Bihar Cabinet Meeting: बिहार सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दरअसल राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
सबसे खास बात यह है कि महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर विशेष लाभ देने का प्रावधान किया गया है। जिससे सरकार का कहना है कि इससे महिलाएं रोजगार, शिक्षा और व्यवसाय के लिए अधिक आसानी से आवागमन कर सकेंगी।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने ऐसे मिलेगा लाभ
विभाग की ओर से दिए गए जानकारी के अनुसार बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2023 के तहत इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन, वाणिज्यिक वाहन, दोपहिया वाहन और महिलाओं के लिए चारपहिया गैर-वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जो सीधे उनके खाते में पैसे जाएंगे। यह राशि DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य 2030 तक तय
सरकार ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2030 तक बिहार में बिकने वाले कुल नए वाहनों में कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की हो। इसके जरिए बिहार वैश्विक EV 30@30 अभियान को भी समर्थन देगा। राज्य सरकार का कहना है कि पेट्रोल और डीजल वाहनों की बढ़ती संख्या से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर पर्यावरण को बेहतर बनाया जा सकता है।
युवाओं को मिलेगा रोजगार
लागू हुई इस नई योजना के तहत इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहनों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे छोटे व्यापारियों, युवाओं और बेरोजगार लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन कम खर्च में बेहतर आमदनी का साधन बन सकते हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामान ढुलाई का खर्च भी कम होगा।
महिलाओं को मिलेगा ज्यादा फायदा
इस योजना में महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। महिलाओं को इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे महिलाएं अपने कामकाज, पढ़ाई और व्यवसाय से आसानी से जुड़ सकेंगी। साथ ही परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी।
चार्जिंग स्टेशन को और बढ़ाने की भी तैयारी
सरकार आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार भी करेगी। इससे लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करने में और आसानी होगी। परिवहन विभाग के अनुसार यह योजना सिर्फ प्रदूषण कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम है।