Heat Stroke in Children: मई और जून की चिलचिलाती गर्मी ने पूरे देश को परेशान कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। इस तरह के मौसम में सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों को रहता है, क्योंकि उनका शरीर गर्मी को जल्दी से सहन नहीं कर सकता। थोड़ी सी लापरवाही हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं की उत्पत्ति कर सकती है।
नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने बच्चों को गर्मी के प्रभाव से बचाने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की है। NDMA के अनुसार, गर्मी कुछ ही मिनटों में खतरनाक हो सकती है। इसलिए माता-पिता को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
पहचानें ये शुरुआती संकेत
जब बच्चे का शरीर यह इशारे दे रहा हो, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। गर्मियों में बच्चों का शरीर कई तरह के संकेत देता है। अगर इन लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो बड़ी मुश्किल से बचा जा सकता है।
- बच्चे को सामान्य से ज्यादा पसीना आना।
- बार-बार रोना या चिड़चिड़ा होना।
- बच्चा सुस्त और कम सक्रिय दिखना।
- बार-बार पानी मांगना।
- चेहरे का लाल या गर्म होना।
अगर आपको इन लक्षणों में से कोई भी नजर आए, तो बच्चे को तुरंत ठंडी जगह पर रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या ORS पिलाते रहें।
ये लक्षण दिखें, तो तुरंत करें एक्शन
हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होने पर देर न करें। कुछ संकेत होते हैं, जो बताते हैं कि बच्चे की सेहत बिगड़ रही है। ऐसे में तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है।
- अचानक पसीना आना बंद हो जाना
- त्वचा का बहुत गर्म और सूखा होना
- बच्चा खाना-पीना छोड़ देना
- लंबे समय तक पेशाब न होना
इन लक्षणों की स्थिति में बच्चे को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं। उसके कपड़ों को गीला करें, शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
ये हैं इमरजेंसी संकेत, तुरंत लें मेडिकल मदद
एक मिनट की देरी भी खतरनाक हो सकती है।
यदि बच्चे में निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी समझें और तुरंत 108 पर कॉल करें:
- बच्चा बार-बार लड़खड़ाए या चौंका हुआ दिखे
- आसानी से न जाग सके
- बेहोश हो जाए या दौरे पड़ने लगे
- लगातार vomiting हो रही हो
- शरीर बिलकुल ढीला हो जाए
ये सभी गंभीर हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना बहुत खतरनाक हो सकता है।
बच्चों को गर्मी से बचाने के आसान और महत्वपूर्ण उपाय
मांओं के लिए उपयोगी टिप्स, जो बच्चों को सुरक्षित रखेंगे
- बच्चों को नियमित रूप से पानी पिलाएं।
- बाहर जाते समय टोपी या छाता अवश्य लगाएं।
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बच्चों को घर के अंदर ही रखें।
- हल्के रंग और सूती कपड़े पहनाएं।
- बाहर से आते ही तुरंत ठंडा पानी न दें।
- जंक फूड और ज्यादा मसालेदार खाने को कम करें।
- घर में ORS या नींबू पानी हमेशा रखें।
इन कदमों से आप अपने बच्चों को गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रख सकते हैं।
बच्चों की सुरक्षा में जरा भी न करें लापरवाही
गर्मी का मौसम केवल असहज नहीं होता, बल्कि बच्चों के लिए खतरनाक भी हो सकता है। इसलिए माता-पिता को अपने बच्चों की हर छोटी-छोटी गतिविधियों और उनके शरीर में हो रहे बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। यदि सही समय पर सावधानी और देखभाल की जाए, तो बच्चों को हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से बचाया जा सकता है।