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Petrol-Diesel Price Hike: 10-10 रुपये तक बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल? अगले 2-3 हफ्तों में बढ़ जाएगा दाम, जानिए रिपोर्ट

Petrol-Diesel Price Hike: 10-10 रुपये तक बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल? अगले 2-3 हफ्तों में बढ़ जाएगा दाम, जानिए रिपोर्ट

Petrol Diesel Price Increase: देश में महंगाई को लेकर लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ सकती है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद अब नई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आने वाले कुछ हफ्तों में ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। 

शुक्रवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दो से तीन हफ्तों में पेट्रोल और डीजल के दाम में 10-10 रुपये तक का और इजाफा किया जा सकता है। 

रिपोर्ट में क्या कहा गया? 

फाइनेंशियल सर्विस कंपनी Emkay Global की रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियां लगातार बढ़ते घाटे के दबाव में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार यह बढ़ोतरी एक बार में भी हो सकती है या फिर चरणबद्ध तरीके से अगले 2 से 3 हफ्तों के दौरान लागू की जा सकती है। 

तेल कंपनियों को कितना नुकसान? 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मौजूदा समय में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल पर करीब 17 से 18 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि सरकार ने पहले एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये तक की कटौती की थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इसी वजह से कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कीमतों में संशोधन नहीं किया गया तो इस तिमाही में कंपनियों को 57 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो सकता है। 

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध से पहले जहां क्रूड ऑयल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में कीमत बढ़ने पर घरेलू बाजार में भी दबाव बढ़ जाता है। 

महंगाई पर पड़ सकता है बड़ा असर 

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से सिर्फ ईंधन ही महंगा नहीं होता, बल्कि इसका असर हर सेक्टर पर दिखाई देता है। परिवहन लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजों, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा के सामान की कीमतों में भी इजाफा होने लगता है। यही वजह है कि आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि ईंधन, घरेलू गैस सिलेंडर और दूध की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर खुदरा महंगाई पर भी पड़ेगा। 

दूध की कीमतें भी बढ़ीं 

पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ डेयरी कंपनियों ने भी उपभोक्ताओं को झटका दिया है। अमूल और मदर डेयरी पहले ही दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य स्थानीय डेयरी कंपनियां भी दूध की कीमतें बढ़ा सकती हैं। 

आम आदमी की बढ़ सकती है मुश्किल 

अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी होती है तो इसका असर सीधे आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ेगा। रोजमर्रा की यात्रा से लेकर खाने-पीने की चीजों तक हर चीज महंगी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर आगे की स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी। फिलहाल तेल बाजार में बनी अनिश्चितता ने आम लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

स्रोत: Pehli Nazar News Network