PM Kisan Scheme Update: भारत एक कृषी प्रधान देश है और अर्थव्यवस्था में किसानों की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। देश की बड़ी आबादी आज भी खेती और उससे जुड़े कामों पर निर्भर है। ऐसे में किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक बनाने और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगातार कई योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आर्थिक मदद देना है।
बिते कुछ सालों में सरकार ने खेती से जुड़े जोखिम कम करने, सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने, फसल नुकसान से सुरक्षा देने और किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए ऐसे कई बड़े कदम उठाए हैं। जो अब बड़ी संख्या में किसान इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
तो चलिए जानते है कि किसानों के लिए चलाई जा रही 7 प्रमुख सरकारी योजना कौन सी है, जो गांवों की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN)
देश के किसानों के लिए सबसे चर्चित योजनाओं में से एक है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। इस योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल तीन किस्तों में 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार के अनुसार अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को 2.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों को बीज, खाद और खेती के छोटे खर्च पूरे करने में काफी मदद मिलती है।
2. प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)
यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना शुरू की गई है। इसमें 18 से 40 वर्ष तक के किसान हर महीने एक छोटी राशि जमा करते हैं और सरकार भी उतना ही योगदान देती है। जैसे कि जितना पैसा आप इस योजना के तहत जमा करते है तो सरकार भी उतना ही पैसा जमा करती है। जो 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद किसानों को हर महीने 3 हजार रुपये पेंशन के रूप में दिए जाते हैं। जिससे किसान अपनी देखभाल कर पाते है, अभी तक लाखों किसान इस योजना से जुड़ चुके हैं।
3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर होती है। ऐसे में कई बार सूखा पड़ जाता है तो कई बार बाढ़, ओलावृष्टि या तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। इसको लेकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत फसल खराब होने पर किसानों को बीमा क्लेम दिया जाता है। जिससे किसानों को भारी नुक्सान नहीं उठाना पड़ता है। ऐसे में सरकार के रिपोर्ट के मुताबिक अब तक किसानों को करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का क्लेम दिया जा चुका है।
4. मोडिफाइड ब्याज सहायता योजना (MISS)
किसानों को खेती करने के लिए अक्सर कर्ज लेना पड़ता है। इसी बोझ को कम करने के लिए सरकार मोडिफाइड ब्याज सहायता योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसान 3 लाख रुपये तक का कृषि लोन कम ब्याज दर पर ले सकते हैं। समय पर लोन चुकाने पर ब्याज दर और कम हो जाती है। इसका फायदा पशुपालन, डेयरी और मछली पालन करने वाले किसानों को भी मिलता है। जिससे किसान अच्छा मुनाफा भी कमा रहे है।
5. कृषि अवसंरचना निधि योजना (AIF)
इस योजना को खेती में बेहतर भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट बनाने के लिए सस्ती दरों पर लोन दिया जाता है। इच्छुक किसान इस योजना का लाभ असानी से ले सकेंगे। सरकार ने इस योजना के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इससे ग्रामीण इलाकों में कृषि ढांचे को मजबूती मिल रही है।
6. किसान उत्पादक संगठन योजना (FPO)
इस योजना का उद्देश्य छोटे किसानों को संगठित कर मजबूत बनाना है। जिसके लिए किसान उत्पादक संगठन यानी FPO योजना चलाई जा रही है। इस योजना में किसानों को समूह बनाकर खेती, खरीद-बिक्री और मार्केटिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलता है और बाजार तक सीधी पहुंच बनती है।
7. राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (NBHM)
इस योजना के तहत किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन के तहत किसानों को प्रशिक्षण और सहायता दी जाती है। इस योजना से शहद उत्पादन बढ़ा है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। कई किसान अब खेती के साथ मधुमक्खी पालन से भी अच्छी कमाई कर रहे हैं।
अगर देखा जाए तो केंद्र सरकार की ये योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने, खेती को सुरक्षित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। लोगों का मानना है कि अगर ज्यादा से ज्यादा किसान इन योजनाओं का लाभ उठाएं तो खेती को और लाभकारी बनाया जा सकता है।