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क्या RBI बेच सकता है देश का सोना, अगर बेचे तो खरीदेगा कौन? जानिए भारत के गोल्ड कारोबार की पूरी सच्चाई

क्या RBI बेच सकता है देश का सोना, अगर बेचे तो खरीदेगा कौन? जानिए भारत के गोल्ड कारोबार की पूरी सच्चाई

Business News: हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ विदेशी रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अरबों डॉलर का सोना बेच दिया है. हालांकि, इन खबरों को आरबीआई और केंद्र सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया. केंद्रीय बैंक ने साफ कहा है कि देश का स्वर्ण भंडार पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें किसी तरह की कोई कमी नहीं आई है. 

इन खबरों के बाद लोगों के मन में एक सवाल तेजी से उठने लगा कि आखिर भारत सोना बेचता किसे है और अगर कभी आरबीआई को अपना सोना बेचना पड़े तो उसका खरीदार कौन होगा. आइए जानते हैं इस पूरे मामले की सच्चाई. 

दरअसल, भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है. देश में शादी-विवाह, त्योहारों और निवेश के लिए सोने की भारी मांग रहती है. यही वजह है कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. अनुमान के मुताबिक देश में इस्तेमाल होने वाले करीब 85 से 90 प्रतिशत सोने की आपूर्ति आयात के जरिए होती है. 

यानी भारत मुख्य रूप से सोना खरीदने वाला देश है, बेचने वाला नहीं. भारतीय रिजर्व बैंक भी समय-समय पर अपने स्वर्ण भंडार को मजबूत करने के लिए सोना खरीदता है. आरबीआई का सोना देश की आर्थिक सुरक्षा और विदेशी मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. 

हालांकि, भारत से सोने का निर्यात भी होता है, लेकिन यह कच्चे सोने के रूप में नहीं होता. भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग में तैयार किए गए आभूषण दुनिया के कई देशों में भेजे जाते हैं. भारतीय कारीगरों की बेहतरीन डिजाइन और बारीक कारीगरी की विदेशों में काफी मांग रहती है. 

भारतीय सोने के आभूषणों का सबसे बड़ा खरीदार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है. दुबई समेत खाड़ी देशों में भारतीय ज्वेलरी की जबरदस्त मांग रहती है. इसके बाद अमेरिका का नाम आता है, जहां भारतीय डिजाइनों वाले आभूषण काफी पसंद किए जाते हैं. 

इसके अलावा सिंगापुर, हांगकांग, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और कई अन्य देशों में भी भारतीय आभूषण बड़ी मात्रा में निर्यात किए जाते हैं. हर साल भारत अरबों डॉलर की ज्वेलरी विदेश भेजता है, जिससे देश को अच्छी विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है. 

अब सवाल यह है कि अगर कभी आरबीआई को सोना बेचना पड़े तो उसका खरीदार कौन होगा. विशेषज्ञों के अनुसार केंद्रीय बैंक आम लोगों, व्यापारियों या ज्वेलर्स को सीधे सोना नहीं बेचते. ऐसे बड़े लेनदेन आमतौर पर दूसरे देशों के केंद्रीय बैंकों, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, बड़े बुलियन बैंकों और वैश्विक निवेश संस्थाओं के साथ किए जाते हैं. 

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार को आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में रखते हैं. किसी विशेष परिस्थिति में यदि सोना बेचना या गिरवी रखना पड़े तो यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े संस्थागत खरीदारों के बीच होती है. 

फिलहाल आरबीआई द्वारा सोना बेचने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया गया है. इसके उलट पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रिजर्व बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी करता रहा है. यही वजह है कि भारत का गोल्ड रिजर्व लगातार मजबूत हो रहा है और इसे देश की आर्थिक मजबूती का एक अहम आधार माना जाता है.

स्रोत: Pehli Nazar News Network