बिहार

किसी की नहीं हुई थी शादी, किसी को हफ्ते भर पहले मिला था थाना… बेगूसराय हादसे में 3 थानाध्यक्षों की मौत

किसी की नहीं हुई थी शादी, किसी को हफ्ते भर पहले मिला था थाना… बेगूसराय हादसे में 3 थानाध्यक्षों की मौत

Bihar Road Accident: बिहार के बेगूसराय में हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां एक झटके में छीन लीं. पटना से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्ष और एक निजी चालक की दर्दनाक मौत ने पूरे पुलिस महकमे को गमगीन कर दिया है. हादसे की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया, जबकि पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई.

जानकारी के अनुसार राज्य पुलिस मुख्यालय पटना में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के विशेषज्ञों द्वारा थानाध्यक्षों को सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network System) से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा था. इस प्रशिक्षण में मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान और बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार शामिल हुए थे.

दो दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे तीनों अधिकारी एक कार से मधेपुरा के लिए रवाना हुए. कार को निजी चालक ज्योतिष कुमार चला रहा था. देर रात करीब एक बजे बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े एक ट्रक में उनकी कार जा घुसी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही तीनों थानाध्यक्षों समेत चालक की मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि 10 जून की सुबह अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र और रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान उदाकिशुनगंज पहुंचे थे. वहां से वे बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की कार से पटना के लिए रवाना हुए थे. चालक के रूप में उदाकिशुनगंज थाना के निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र ज्योतिष कुमार साथ थे.

हादसे में जान गंवाने वाले अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र के आजमनगर के रहने वाले थे. वर्ष 2009 बैच के दारोगा ज्ञानेंद्र सितंबर 2025 से अरार थाना में पदस्थापित थे. वे अपने शांत स्वभाव और बेहतर कार्यशैली के लिए जाने जाते थे.

रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान कैमूर जिले के भभुआ के रहने वाले थे. वर्ष 2018 बैच के दारोगा साजन की अभी शादी भी नहीं हुई थी. परिवार वाले उनके विवाह की तैयारी में जुटे थे, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद खबर आ गई. अगस्त 2025 से वे रतवारा थाना की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

वहीं बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार को महज एक सप्ताह पहले ही थाने की कमान सौंपी गई थी. 2018 बैच के दारोगा नीरज मूल रूप से गया जिले के रहने वाले थे और उनका परिवार डेहरी-ऑन-सोन में रहता है. उनके पिता रेलवे में कार्यरत हैं. नीरज की शादी हो चुकी थी और उनका एक साल का बेटा है. परिवार उनके उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहा था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया.

चारों की मौत की खबर जैसे ही परिवारों तक पहुंची, घरों में चीख-पुकार मच गई. किसी परिवार का इकलौता बेटा चला गया, किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया, तो किसी मां-बाप का बुढ़ापे का सहारा हमेशा के लिए छिन गया.

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रक से टकराई थी. इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर खड़े वाहनों और सड़क सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

स्रोत: Pehli Nazar News Network