Bihar Cabinet Decisions: बिहार सरकार ने राज्य को तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि (AI) को बढ़ावा देने से लेकर नए संस्थानों की स्थापना और रोजगार सृजन को लेकर कई अहम प्रस्तावों को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। इन फैसलों में सबसे ज्यादा चर्चा बिहार में AI मिशन को लेकर हो रही है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में हजारों युवाओं को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी।
बिहार में AI सेक्टर को मिला रफ्तार
राज्य सरकार ने सिंगापुर की संस्था ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (GFTN) को बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्यवस्था मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। यह संस्था नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस और लिनक्स फाउंडेशन के साथ मिलकर काम करेगी। सरकार के मुताबिक अगले पांच साल में करीब 7 हजार युवाओं को एडवांस AI सर्टिफिकेट प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि इसमें केवल तकनीकी छात्र ही नहीं, बल्कि दूसरे विषयों के छात्र भी शामिल हो सकेंगे, और अपनी भविष्य बना सकेंगे।
बिहार में शुरू होंगे 100 से अधिक स्टार्टअप
राज्य सरकार ने “आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी” नाम से एक डिजिटल प्रयोग मंच बनाने का भी फैसला लिया है। जो AI और क्वांटम तकनीक पर आधारित होगा। ऐसा माना जा रहा है कि इस पहल से बिहार में 100 से ज्यादा नए स्टार्टअप शुरू हो सकते हैं। छात्रों, शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों को AI आधारित टूल्स और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे राज्य में नई तकनीकी कंपनियों और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
वैशाली में बनेगा NIFTEM का हब
कैबिनेट ने वैशाली जिले में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) का कैंपस बनाने को भी मंजूरी दे दी है। जिसके लिए 100 एकड़ जमीन भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी। यह कैंपस वैशाली में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा होगा। इसके लेकर सरकार का मानना है कि इससे बिहार में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण का भी लाभ मिलेगा।
बिहटा में लगेगा बड़ा डेरी प्लांट
पटना के बिहटा औद्योगिक क्षेत्र में करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से नया डेरी उत्पादन प्लांट लगाने की मंजूरी भी दी गई है। इस प्लांट में रोजाना हजारों लीटर दूध, दही, छाछ और बटर का उत्पादन होगा। सरकार के अनुसार इस परियोजना से करीब 170 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है।
लखीसराय में बनेगा सिमेन स्टेशन
मंत्रिमंडल ने लखीसराय जिले में सिमेन स्टेशन स्थापना के लिए लगभग 80 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है। जिससे पशुपालन के क्षेत्र और नस्ल सुधार कार्यक्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पांच जिलों में पुलिस व्यवस्था होगी मजबूत
राज्य सरकार ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी है। इससे ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था की निगरानी और मजबूत होगी। जिससे अपराधिक घटनाओं पर लगाम लगेगी।
बिहार में खुलेंगे तीन नए डिग्री कॉलेज
सरकार के द्वारा चलाए जा रहे सात निश्चय-3 योजना के तहत पश्चिम चंपारण और मुंगेर जिले में तीन नए डिग्री कॉलेज खोलने की मंजूरी दी गई है। इन कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कुल 132 पद भी सृजित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से राज्य में शिक्षा, रोजगार, तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी।