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बिहार के सरकारी अस्पतालों की दवाएं पहुंच रही थीं बांग्लादेश! 20 करोड़ का खेल उजागर, गिरोह का सरगना गिरफ्तार

बिहार के सरकारी अस्पतालों की दवाएं पहुंच रही थीं बांग्लादेश! 20 करोड़ का खेल उजागर, गिरोह का सरगना गिरफ्तार

Bihar Crime News: बिहार में सरकारी अस्पतालों से दवाएं चोरी कर उन्हें बांग्लादेश और पूर्वोत्तर राज्यों में बेचने वाले बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पटना पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। जांच में करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है और अब तक करीब 20 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं।

बिहार में सरकारी अस्पतालों की दवाओं की चोरी और तस्करी से जुड़े एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पटना पुलिस ने ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा किया है, जो सरकारी अस्पतालों से जीवनरक्षक और प्रतिबंधित दवाएं निकालकर उन्हें देश के दूसरे राज्यों और बांग्लादेश तक पहुंचा रहा था। इस मामले में वैशाली जिले के हाजीपुर से गिरोह के सरगना नीरज कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस पूछताछ में नीरज कुमार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि यह नेटवर्क पिछले कई वर्षों से सक्रिय था और इसमें 20 से 25 लोग शामिल थे। गिरोह सरकारी अस्पतालों से महत्वपूर्ण दवाएं हासिल कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता था।

दिल्ली से चलता था नेटवर्क, फिर हाजीपुर बना नया ठिकाना

जांच में सामने आया है कि शुरुआत में इस पूरे सिंडिकेट का संचालन दिल्ली से किया जाता था। लेकिन पिछले कुछ महीनों से हाजीपुर को इसका मुख्य ठिकाना बना लिया गया था। यहीं से पटना समेत कई जिलों में प्रतिबंधित कफ सिरप, नशीले इंजेक्शन और सांप के काटने पर इस्तेमाल होने वाली एंटीवेनम दवाओं की अवैध सप्लाई की जा रही थी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों और बांग्लादेश में एंटीवेनम दवाओं की मांग काफी अधिक है। इसी वजह से गिरोह वहां तक अपना नेटवर्क फैलाने में सफल रहा।

बेहद सुनियोजित तरीके से चलता था कारोबार

पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह ने पूरे नेटवर्क को तीन स्तरों में बांट रखा था। एक टीम दवाओं की उपलब्धता और सप्लाई पर नजर रखती थी। दूसरी टीम यह तय करती थी कि माल को कहां और कैसे खपाना है। तीसरी टीम गोदाम और परिवहन का काम संभालती थी।

ग्रामीण इलाकों में गोदाम किराये पर लेकर दवाओं को छिपाया जाता था। इसके लिए गोदाम मालिकों को मोटी रकम दी जाती थी। वहीं ट्रांसपोर्ट कंपनियों, ऑटो चालकों और ई-रिक्शा चालकों के जरिए माल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता था।

छापेमारी में मिला 20 करोड़ का माल

पटना पुलिस ने इस मामले में लगातार छापेमारी करते हुए करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं बरामद की हैं। इनमें प्रतिबंधित कफ सिरप, नशीले इंजेक्शन और सरकारी अस्पतालों में उपयोग होने वाली कई महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि यह बरामदगी बिहार में दवा तस्करी के मामलों में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है। नीरज कुमार की गिरफ्तारी से पहले इस मामले में सात अन्य लोगों को भी पकड़ा जा चुका है।

स्रोत: Pehli Nazar News Network