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Bihar Land Registry: अब रजिस्ट्री से पहले मिलेगी जमीन की पूरी हिस्ट्री, बिहार में इसी महीने लागू होगी नई व्यवस्था

Bihar Land Registry: अब रजिस्ट्री से पहले मिलेगी जमीन की पूरी हिस्ट्री, बिहार में इसी महीने लागू होगी नई व्यवस्था

Bihar Land Registry Update: बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब किसी भी रैयती जमीन की रजिस्ट्री कराने से पहले खरीदारों को उस जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी मिल सकेगी। राजस्व एवं निबंधन विभाग ने इसके लिए नई व्यवस्था तैयार कर ली है, जिसे इसी महीने राज्यभर में लागू करने की तैयारी चल रही है।

सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी होगी और विवादित जमीन की खरीद के मामलों में कमी आएगी। इसके लिए सभी अंचलाधिकारियों (CO) को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। साथ ही जमीन निबंधन के लिए मोबाइल यूनिट भी तैयार कर ली गई है।

जानकारी के मुताबिक इस नई व्यवस्था की शुरुआत इसी सप्ताह के अंत तक या फिर महीने के आखिर तक हो सकती है। इसके तहत जमीन की रजिस्ट्री से पहले खरीदार और विक्रेता को पोर्टल पर कई जरूरी जानकारियां अपलोड करनी होंगी।

नई व्यवस्था के अनुसार जमीन का सौदा तय होने के बाद रजिस्ट्री से पहले कुल 13 प्रकार की जानकारी सरकार को देनी होगी। आवेदन के साथ खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी और विक्रेता से जुड़ी जानकारियां ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।

इसके बाद संबंधित अंचल अधिकारी जमीन से जुड़े दस्तावेजों और विक्रेता के दावों की जांच करेंगे। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जारी की जाएगी। सरकार ने इसके लिए समय सीमा भी तय कर दी है। अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। खरीदारों को पहले ही पता चल जाएगा कि जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई जा रही है, उस पर कोई विवाद, लोन या कानूनी अड़चन तो नहीं है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था सात निश्चय-3 के तहत “सबका सम्मान, जीवन आसान” योजना के अंतर्गत लागू की जा रही है, ताकि दस्तावेज निबंधन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।

दरअसल, जमीन निबंधन वह प्रक्रिया होती है जिसमें जमीन खरीदने के बाद उसकी सेल डीड को सरकार के पास पंजीकृत कराया जाता है। इसके लिए स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क जमा करना होता है। बिहार में यह पूरी प्रक्रिया पहले से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद जमीन का कानूनी स्वामित्व नए खरीदार के नाम दर्ज हो जाता है।

नई व्यवस्था को लेकर जमीन खरीदने वाले लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है। माना जा रहा है कि इससे फर्जीवाड़े और विवादित जमीन की बिक्री पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।

स्रोत: Pehli Nazar News Network