Samrat Choudhary: बिहार में सम्राट चौधरी सरकार को एक महीना पूरा हो चुका है। 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सरकार ने शिक्षा, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार और शहरी विकास से जुड़े कई फैसले लिए हैं। हालांकि अब चर्चा इस बात की हो रही है कि इन घोषणाओं का असर जमीन पर कितना दिखाई देगा। पहले महीने में सरकार ने जिन फैसलों पर सबसे ज्यादा जोर दिया, उनमें सैटेलाइट टाउनशिप, महिला सुरक्षा, स्कूल-कॉलेजों के विकास और शिकायत निवारण प्रणाली से जुड़े फैसले शामिल हैं।
राज्य सरकार ने बिहार के 10 जिलों में 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना तैयार की है। प्रस्तावित टाउनशिप में आवासीय क्षेत्र, सड़कें, बाजार और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि इससे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि जमीन अधिग्रहण और आधारभूत संरचना को लेकर कई स्तरों पर चुनौतियां भी मानी जा रही हैं।
महिला सुरक्षा को लेकर सरकार ने ‘पुलिस दीदी योजना’ शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1500 स्कूटर खरीदे जाएंगे और उन्हें स्कूलों तथा कॉलेजों के आसपास तैनात किया जाएगा। योजना का मकसद छात्राओं और महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं पर नजर रखना बताया गया है।
सरकार ने प्रशासनिक शिकायतों के समाधान के लिए ‘सहयोग की त्रिवेणी’ नाम से नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। इसमें हेल्पलाइन नंबर 1100, ऑनलाइन पोर्टल और पंचायत स्तर पर शिविरों की व्यवस्था शामिल है। ब्लॉक, थाना और राजस्व कार्यालयों से जुड़ी शिकायतों को 30 दिनों के भीतर निपटाने का लक्ष्य तय किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में भी कुछ अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने जिला स्कूलों और प्रखंड स्तर के उच्च माध्यमिक विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा जिन 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नए कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।
निजी स्कूलों को लेकर भी नए नियमों की घोषणा हुई है। अब स्कूलों को फीस स्ट्रक्चर सार्वजनिक करना होगा। अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। साथ ही फीस बकाया होने पर छात्रों को परीक्षा से रोकने पर भी रोक लगाने की बात कही गई है।
राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में बिहार के ठेकेदारों को प्राथमिकता देने का फैसला भी लिया है। इसे स्थानीय ठेकेदारों और रोजगार के नजरिए से अहम माना जा रहा है। जमीन और संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई है। नई व्यवस्था के तहत बुजुर्गों के लिए घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा देने की बात कही गई है।
वहीं कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने पुलिस को गंभीर अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि विपक्ष लगातार राज्य में अपराध के मुद्दे पर सरकार को घेरता रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहले महीने में सरकार ने कई बड़े ऐलान जरूर किए हैं, लेकिन आने वाले महीनों में सबसे बड़ी चुनौती इन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने की होगी। खासकर शिक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों पर लोगों की नजर अब जमीनी नतीजों पर टिकी रहेगी।