Bihar News: बिहार के सारण जिले से शादी के दौरान हुआ एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां पारंपरिक गीत और रस्म को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि बारात बिना फेरे लिए ही लौट गई। यह घटना रसूलपुर पंचायत के धानाडीह गांव से शुरू होकर योगिया गांव में शादी समारोह के दौरान हुई।
बारात धूमधाम से पहुंची थी और शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा। जयमाला और अन्य रस्में भी पूरी हो चुकी थीं। लेकिन जैसे ही शादी की अंतिम रस्मों की बारी आई, माहौल बदलने लगा।
सिंदूर दान से पहले शिलारोहण की रस्म कराई जा रही थी, जिसमें दूल्हे को दुल्हन का पैर पत्थर के लोढ़े से छुआना होता है। इसी दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाना शुरू किया—“हमरा बबुनी के गोड़वा पर गिर गईल…”। बताया जा रहा है कि यह गीत सुनकर दूल्हा अचानक नाराज हो गया और उसने रस्म करने से इनकार कर दिया।
परिवार और पंडित ने काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन दूल्हा अपने फैसले पर अड़ा रहा। धीरे-धीरे माहौल गरमाने लगा और दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब दुल्हन पक्ष ने रस्म पूरी कराने की जिद पकड़ ली। इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि दूल्हा और उसके कुछ साथियों को एक कमरे में रोक लिया गया। इस दौरान शादी में हुए खर्च की भरपाई की मांग भी उठने लगी।
मामले को सुलझाने के लिए पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। तनाव बढ़ता देख आखिरकार बारात को बिना फेरे लिए ही वापस लौटना पड़ा।
यह पूरी घटना अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे पारंपरिक रस्मों और बदलते सोच के बीच टकराव के रूप में देख रहे हैं। शादी का यह मामला गांव में लंबे समय तक चर्चा में रहने