BPSC 72nd Vacancy: बिहार की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली बीपीएससी 72वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बिहार लोक सेवा आयोग ने भर्ती विज्ञापन में संशोधन करते हुए कुल 44 पदों को हटा दिया है, जिससे अभ्यर्थियों के बीच हलचल बढ़ गई है।
कुल पदों में हुई कटौती
आयोग द्वारा जारी शुद्धि-पत्र के अनुसार पहले जहां कुल 1230 पदों पर भर्ती होनी थी, अब संशोधन के बाद यह संख्या घटकर 1186 रह गई है। यह बदलाव गन्ना उद्योग विभाग से जुड़े पदों में किया गया है।
कौन से पद हटाए गए?
सबसे बड़ा बदलाव गन्ना उद्योग विभाग से जुड़ा है। ईख पदाधिकारी के 44 पदों को भर्ती सूची से हटा दिया गया है। आयोग के अनुसार यह पद वास्तव में सहायक निदेशक, ईख विकास एवं समकक्ष श्रेणी का है, जिसकी योग्यता और परीक्षा प्रक्रिया अलग है। इसलिए इसे इस संयुक्त परीक्षा से बाहर किया गया है।
किन प्रमुख पदों पर कितनी वैकेंसी?
संशोधित सूची के अनुसार अब विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर वैकेंसी इस प्रकार है—
- राजस्व अधिकारी (RO): 365 पद
- सहकारिता प्रसार पदाधिकारी: 130 पद
- SDM/SDO: 100 पद
- DSP: 22 पद
- राज्य कर सहायक आयुक्त: 76 पद
- ग्रामीण विकास पदाधिकारी: 65 पद
- प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी: 70 पद
- नगर कार्यपालक पदाधिकारी: 54 पद
- श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी: 56 पद
- आपूर्ति निरीक्षक: 31 पद
- CDPO: 20 पद
- वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी: 32 पद
इसके अलावा शिक्षा, अल्पसंख्यक, समाज कल्याण और अन्य विभागों में भी कई छोटे पद शामिल हैं।
आवेदन प्रक्रिया शुरू
बिहार लोक सेवा आयोग की 72वीं संयुक्त परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना जल्द आवेदन पूरा करें।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस परीक्षा के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना अनिवार्य है। कुछ विशेष पदों जैसे वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी के लिए वाणिज्य, गणित, सांख्यिकी या अर्थशास्त्र में स्नातक योग्यता जरूरी है।
क्यों है यह परीक्षा खास?
बीपीएससी की यह परीक्षा बिहार प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, राजस्व और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का रास्ता खोलती है। यही वजह है कि हर साल लाखों अभ्यर्थी इसमें शामिल होते हैं और इसे राज्य की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है।
संशोधित पदों की सूची जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों को नए सिरे से रणनीति बनानी होगी, क्योंकि कुछ विभागों में वैकेंसी घटने से प्रतिस्पर्धा और कड़ी होने की संभावना है।