Bihar News: गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र के मुड़रभा गांव में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया. गांव के पोखरे में नहाने गए दो जुड़वा भाइयों की डूबने से मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है. एक साथ दो बेटों को खोने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं.
जानकारी के अनुसार मुड़रभा गांव निवासी बच्चेलाल यादव के जुड़वा बेटे हिमांशु यादव और प्रियांशु यादव, दोनों की उम्र 16 वर्ष थी. सोमवार को दोनों भाई घर से गांव के पोखरे में नहाने के लिए निकले थे. बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान दोनों गहरे पानी की तरफ चले गए. पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वे खुद को संभाल नहीं सके और डूब गए.
काफी समय बीत जाने के बाद जब दोनों किशोर घर वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोगों को चिंता होने लगी. पहले परिजनों ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. इसके बाद ग्रामीण भी खोजबीन में जुट गए. इसी दौरान पोखरे के किनारे दोनों भाइयों के कपड़े पड़े मिले. कपड़े देखकर लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई.
ग्रामीणों ने तुरंत पोखरे में उतरकर दोनों किशोरों की तलाश शुरू की. काफी प्रयास के बाद पोखरे से दोनों भाइयों के शव बरामद किए गए. जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई. मां अपने बेटों के शव देखकर बदहवास हो गई. परिवार के अन्य सदस्य भी फूट-फूटकर रोने लगे. वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं.
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हिमांशु और प्रियांशु गांव में सभी के चहेते थे. दोनों पढ़ाई में भी अच्छे बताए जाते हैं. वे नंदगंज स्थित गुरुकुल एकेडमी में कक्षा 10 के छात्र थे. दोनों भाई हमेशा साथ रहते थे और एक ही स्कूल में पढ़ते थे. उनके अचानक चले जाने से स्कूल के शिक्षक और साथी छात्र भी दुखी हैं.
परिवार में हिमांशु और प्रियांशु के अलावा एक बहन भी है. पिता बच्चेलाल यादव खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि एक ही दिन में उनके दोनों बेटे उनसे हमेशा के लिए दूर हो जाएंगे. गांव के लोगों का कहना है कि दोनों भाई बहुत ही शांत और मिलनसार स्वभाव के थे. उनकी मौत से पूरे गांव में गहरा दुख है.
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण बच्चेलाल यादव के घर पहुंचने लगे. हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दो जवान बेटों को खोने का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है. गांव में दिनभर मातम का माहौल बना रहा. लोगों के घरों में भी इस दर्दनाक हादसे की ही चर्चा होती रही.
यह हादसा एक बार फिर लोगों को सावधान रहने की सीख देता है. गर्मी के दिनों में बच्चे और किशोर अक्सर तालाब, पोखरे और नहरों में नहाने चले जाते हैं. कई बार पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाने या तैरना नहीं आने के कारण ऐसे हादसे हो जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दोनों भाइयों का पता चल जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.