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देश की सबसे बड़ी परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज NTA को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने बेहद तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर इतने सुरक्षा इंतजाम, निगरानी तंत्र और हाई-लेवल मॉनिटरिंग के बावजूद इतना बड़ा पेपर लीक कैसे हो गया?

कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा UPSC में कभी पेपर लीक नहीं होता, NTA को उनसे सीख लेने की जरूरत है।”

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी ने पूरे परीक्षा सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।



“सिर्फ सुधार नहीं, जवाबदेही भी तय हो"कोर्ट

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि हर बार नई कमेटियां बना देने से समस्या खत्म नहीं होगी। असली जरूरत यह तय करने की है कि चूक आखिर किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

कोर्ट ने दो टूक कहा कि अगर “सामूहिक जिम्मेदारी” के नाम पर असली चेहरों को बचाया गया, तो ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाएंगी।


NTA से पूछा गया सबसे बड़ा सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि जब परीक्षा की सुरक्षा के लिए इतने बड़े स्तर पर सिस्टम तैयार किया गया था, तो फिर पेपर लीक सिस्टम की नजरों से बचकर बाहर कैसे निकल गया?

जजों ने यह भी कहा कि देश के लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।


21 जून की री-एग्जाम से पहले नए सुरक्षा इंतजाम

केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा से पहले नए सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं।

सरकार ने दावा किया कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाया गया है और पूरे मामले की निगरानी उच्चतम स्तर पर की जा रही है।

क्या अब बदलेगा NTA का पूरा सिस्टम?

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि परीक्षा सुधार केवल “कामचलाऊ इंतजाम” नहीं होने चाहिए। कोर्ट चाहता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक स्थायी और मजबूत परीक्षा प्रणाली तैयार की जाए।

अब देशभर के छात्रों और अभिभावकों की नजर इस बात पर है कि क्या इस विवाद के बाद NTA की व्यवस्था में सच में बड़ा बदलाव आएगा या फिर यह मामला भी सिर्फ जांच और बैठकों तक सीमित रह जाएगा।


छात्रों का सवाल — मेहनत का जिम्मेदार कौन?

NEET पेपर लीक विवाद ने लाखों छात्रों के भरोसे को झटका दिया है। सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मेहनत करने वाले छात्रों को हर बार सिस्टम की गलतियों की कीमत क्यों चुकानी पड़ती है?

स्रोत: Pehli Nazar News Network