Rapido Fare Surge: इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी अब सिर्फ लोगों की सेहत पर ही नहीं, बल्कि उनकी जेब पर भी असर डालने लगी है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के बीच अब ऑनलाइन बाइक टैक्सी सेवा रैपिडो का किराया भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। राजधानी के कई इलाकों में दोपहर के समय रैपिडो का किराया अचानक काफी बढ़ जा रहा है। हालत यह है कि सुबह जिन रूटों का किराया 70 से 80 रुपये रहता है, वही दोपहर में 140 से 150 रुपये तक पहुंच जा रहा है। बढ़े हुए किराए के बावजूद यात्रियों को आसानी से राइड भी नहीं मिल रही।
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में तेज गर्मी और हीटवेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। दोपहर के समय सड़क पर निकलना लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग बाइक टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि जल्दी और कम खर्च में अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। लेकिन अब रैपिडो यूजर्स का कहना है कि गर्मी के कारण न सिर्फ किराया बढ़ गया है, बल्कि राइड मिलने में भी काफी दिक्कत हो रही है।
यात्रियों का कहना है कि सुबह या शाम के समय किराया सामान्य रहता है, लेकिन जैसे ही दोपहर का समय होता है, ऐप पर किराया तेजी से बढ़ने लगता है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी स्क्रीनशॉट शेयर कर शिकायत की है कि छोटी दूरी की राइड का किराया अचानक दोगुना दिखने लगता है। कुछ लोगों का कहना है कि रोज ऑफिस जाने के लिए वे रैपिडो का इस्तेमाल करते थे क्योंकि यह सस्ता और समय बचाने वाला विकल्प था, लेकिन अब किराया इतना बढ़ गया है कि रोज इस्तेमाल करना मुश्किल होता जा रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्हें छोटी दूरी तय करनी होती है। यात्रियों का कहना है कि 2 से 3 किलोमीटर की राइड देखकर कई रैपिडो कैप्टन बुकिंग स्वीकार ही नहीं करते। कई बार पहले राइड स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन बाद में दूरी कम देखकर कैंसिल कर देते हैं। इससे यात्रियों को बार-बार नई बुकिंग करनी पड़ती है और काफी समय बर्बाद होता है।
कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्होंने जल्दी राइड मिलने के लिए एक्स्ट्रा टिप भी जोड़कर देखा, लेकिन फिर भी कई बार राइड कन्फर्म नहीं हुई। लोगों का कहना है कि तेज धूप और गर्मी में लंबे समय तक सड़क किनारे खड़े होकर इंतजार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। खासकर महिलाओं, छात्रों और ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को इससे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
दरअसल, माना जा रहा है कि भीषण गर्मी की वजह से कई रैपिडो कैप्टन दोपहर में काम करने से बच रहे हैं। तेज धूप में लगातार बाइक चलाना आसान नहीं होता, इसलिए कई कैप्टन दोपहर के समय कम राइड लेते हैं। इसी कारण मांग ज्यादा और उपलब्ध कैप्टन कम हो जाते हैं, जिससे किराया बढ़ने लगता है। ऐप का सर्ज प्राइस सिस्टम भी इसी वजह से किराया बढ़ा देता है।
यात्रियों का कहना है कि पहले रैपिडो कम खर्च में यात्रा का अच्छा विकल्प था। मेट्रो स्टेशन से घर या ऑफिस तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब बढ़ते किराए और लगातार राइड कैंसिल होने की वजह से लोगों का भरोसा थोड़ा कम होने लगा है। कई लोग मजबूरी में ऑटो या कैब का सहारा ले रहे हैं, लेकिन उनका किराया भी काफी ज्यादा होता है।
पटना के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों ने बताया कि दोपहर के समय राइड मिलना अब सबसे बड़ी समस्या बन गई है। कई बार 15 से 20 मिनट तक ऐप पर इंतजार करने के बाद भी राइड कन्फर्म नहीं होती। अगर राइड मिल भी जाती है तो किराया सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा होता है।
इस बढ़ती परेशानी के बीच आम लोगों का कहना है कि ऑनलाइन बाइक टैक्सी कंपनियों को किराए और राइड कैंसिलेशन की समस्या पर ध्यान देना चाहिए। लोगों का मानना है कि गर्मी के मौसम में जब सार्वजनिक परिवहन में भी भीड़ रहती है, तब बाइक टैक्सी सेवाएं राहत देने का काम कर सकती हैं। लेकिन अगर किराया लगातार बढ़ता रहा और राइड मिलना मुश्किल होता गया, तो लोगों के लिए रोजाना सफर करना और मुश्किल हो जाएगा।
फिलहाल दिल्ली में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यात्रियों को उम्मीद है कि जल्द स्थिति बेहतर होगी और ऑनलाइन राइड सेवाओं में भी लोगों को राहत मिलेगी।