BIHAR NEWS: पटना के चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी विवाद मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को कोर्ट से जमानत मिल गई है. वहीं इसी बीच उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है.
जानकारी के अनुसार, खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में हुए कथित हमले और तोड़फोड़ के मामले में रौशन आनंद की जमानत याचिका पर सोमवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली.
इससे पहले मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत से रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. इसके बाद उन्होंने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी. सोमवार की सुनवाई के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली.
यह पूरा मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब पटना स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज में पथराव और तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी. संस्थान की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद, उनके भाई प्रिंस यादव समेत कई लोगों पर आरोप लगाए गए थे.
शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और वे पटना की बेऊर जेल में बंद थे.
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों ने पटना में कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध भी जताया था. छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा था कि किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.
इसी बीच इस मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत की खबर सामने आई. बताया जा रहा है कि प्रिंस यादव इस मामले में नामजद आरोपी था और घटना के बाद से फरार चल रहा था.
सूत्रों के अनुसार, प्रिंस यादव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था, जहां उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई. हालांकि अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है. नेपाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं.
गौरतलब है कि घटना के शुरुआती दौर में खान सर ने अपने संस्थान पर गोली चलने का दावा किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपने बयान में बदलाव करते हुए गोली चलने की बात से इनकार किया था. इसी वजह से यह मामला लगातार चर्चा में बना रहा.
अब रौशन आनंद को जमानत मिलने के बाद इस पूरे विवाद में एक नया कानूनी मोड़ आ गया है. हालांकि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और पुलिस जांच जारी है. आने वाले दिनों में जांच और कोर्ट की प्रक्रिया से ही साफ होगा कि इस मामले की असली तस्वीर क्या है.