Bihar News: बिहार के सारण जिले के लिए विकास की एक बड़ी खबर सामने आई है. जिले में आने वाले समय में करीब 65 हजार करोड़ रुपये की बड़ी विकास परियोजनाओं पर काम होने जा रहा है. इनमें सड़क, पुल, सिंचाई, पर्यटन और विमानन क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी ने केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित प्रेस वार्ता में जिले के लिए स्वीकृत योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सारण उत्तर बिहार के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल हो सकता है.
जानकारी के अनुसार, सारण में करीब 37 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं पर पहले से काम चल रहा है, जबकि लगभग 28 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है.
गंगा किनारे बनेगा नया विकास कॉरिडोर
सारण में धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मां अंबिका भवानी गंगा पथ विकसित करने की योजना बनाई गई है. इससे गंगा किनारे स्थित महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
इसके साथ ही जिले को देश का पहला स्मार्ट सिंचाई मॉडल जिला बनाने की तैयारी भी चल रही है. SCADA तकनीक के जरिए किसान डिजिटल सिस्टम से अपने खेतों तक पानी की निगरानी और आपूर्ति कर सकेंगे.
दो नए गंगा पुलों से आसान होगी आवाजाही
जिले की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए गंगा नदी पर दो बड़े पुलों की योजना बनाई गई है. इसमें एक पुल दीघा-बाकरपुर-सोनपुर इलाके को जोड़ेगा, जबकि दूसरा शेरपुर-दिघवारा क्षेत्र में बनाया जाएगा.
इसके अलावा माझी, डोरीगंज, दिघवारा और जेपी सेतु के समानांतर प्रस्तावित छह लेन पुल जैसी परियोजनाओं से सारण की सड़क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.
सारण को मिलेगा एक्सप्रेसवे का तोहफा
जिले में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है. करीब 6 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली बाकरपुर-डुमरियाघाट सुपर एक्सप्रेसवे परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है.
वहीं कोन्हुआ से गोपालगंज तक करीब 92 किलोमीटर लंबे सुपर एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी मिल चुकी है. इसके अलावा छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच-722 चौड़ीकरण, छपरा बाईपास सिक्स लेन विस्तार और रेवा घाट पुल जैसी योजनाएं भी जिले की तस्वीर बदल सकती हैं.
किसानों के लिए बड़ी सिंचाई योजना
सारण में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की गंडक जल परियोजना को मंजूरी दी गई है. इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों तक सिंचाई का पानी पहुंचाना है जहां अभी पानी की समस्या रहती है.
इसके अलावा करीब 1400 करोड़ रुपये की जल प्रणाली परियोजना के तहत जिले की नदियों और जलधाराओं को जोड़ने की तैयारी है. इस योजना में लगभग 640 किलोमीटर लंबी जल व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.
विमानन क्षेत्र में भी बढ़ेगा दबदबा
सोनपुर क्षेत्र में बड़े विमानन केंद्र के विकास की दिशा में भी काम चल रहा है. इससे बिहार के साथ-साथ पड़ोसी देशों और आसपास के राज्यों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
योजना के तहत बिहार को फ्लाइंग ट्रेनिंग, एयरो स्पोर्ट्स और विमानन शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की तैयारी है.